UPTGT PGT अन्य विषय में करें आवेदन आठ विषयों के अभ्यर्थी चयन बोर्ड ने नहीं बदली अर्हता, 67 हजार अभ्यर्थी फंसे

अन्य विषय में करें आवेदन आठ विषयों के अभ्यर्थी
चयन बोर्ड ने नहीं बदली अर्हता, 67 हजार अभ्यर्थी फंसे
अन्य विषय में करें आवेदन आठ विषयों के अभ्यर्थी
चयन बोर्ड ने नहीं बदली अर्हता, 67 हजार अभ्यर्थी फंसे
मा. शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से विज्ञापन 2016 के पद निरस्त, टीजीटी-पीजीटी के अभ्यर्थियों को 17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक मौका
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने अखिलेश यादव व मायावती के मुख्यमंत्रित्वकाल में भर्तियों में गड़बड़ी का राजफाश 12 जुलाई को किया। बोर्ड का दावा था कि 2011, 2013 व 2016 में प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक (टीजीटी-पीजीटी) के ऐसे विषयों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हुई, जो विषय ही प्रदेश के माध्यमिक कालेजों में नहीं हैं। बोर्ड ने 2016 में जारी टीजीटी-पीजीटी के आठ विषयों का विज्ञापन निरस्त कर दिया था। अब निरस्त हुए विषयों के प्रभावित अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो रही है।
चयन बोर्ड के अनुसार टीजीटी के छह विषयों में 318 व पीजीटी के दो विषयों के तीन पद हैं। इन 321 पदों के लिए प्रदेश के 69 हजार 297 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। वहीं, 2016 में पांच नए विषयों का विज्ञापन जारी करके आवेदन लिए गए, जबकि ये विषय माध्यमिक कालेजों में नहीं है।
केवल एक विषय के लिए अर्ह : सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि निरस्त होने वाले विषयों में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को अब यह अवसर दिया जा रहा है कि अपनी अर्हता के अनुसार विज्ञापित अन्य विषयों के पदों पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, इसके लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके लिए एनआइसी की वेबसाइट http://स्रं1्र‘2ँं.4स्र.ल्ल्रङ्घ.्रल्ल के 433ं1 स्र1ंीि2ँ 2ीङ्घल्लंि18 ी4िङ्घं3्रल्ल 2ी15्रङ्घी2 2ी’ीङ्घ3्रल्ल ङ्गं1 िं’’ंँंङ्गं िके 2ीङ्घ3्रल्ल पर जाकर आवेदन करना होगा। दोबारा आवेदन 17 सितंबर मध्यान्ह 12 बजे से शुरू होकर 16 अक्टूबर को मध्य रात्रि तक हो सकेगा। अभ्यर्थी विज्ञापन के अन्य केवल एक विषय में ही आवेदन कर सकते हैं। यदि निरस्त होने वाले विषय के अभ्यर्थी अन्य विषयों में ऑनलाइन आवेदन करने के इच्छुक नहीं होंगे तो उन्हें चयन बोर्ड को सूचना देनी होगी। पूर्व में जमा उनका शुल्क वापस कर दिया जाएगा। यही नहीं सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों के दूसरे विषयों में आवेदन मान्य होंगे, जिनके विषय का विज्ञापन निरस्त हुआ है। जिन्होंने पहले आवेदन किया है उन्हें दोबारा आवेदन की आवश्यकता नहीं है, उनके आवेदन को वैध माना जा रहा है।
बोर्ड का प्रस्ताव व कमेटी की रिपोर्ट अधर में
राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : चयन बोर्ड की नियुक्तियों में अर्हता तय करने वाले यूपी बोर्ड ने 20 मार्च को ही नौ पदों की अर्हता बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। उस पर अब तक मुहर नहीं लग सकी है। 1 इसी बीच चयन बोर्ड से निरस्त जीव विज्ञान व संगीत जैसे विषयों की लिखित परीक्षा राजकीय एलटी ग्रेड कालेजों के लिए उप्र लोकसेवा आयोग ने 29 जुलाई को कराई है।
यह विवाद बढ़ने पर शासन ने यूपी बोर्ड सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है कि वह राजकीय व अशासकीय कालेजों की अर्हता संबंधी प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए सुझाव दे। कमेटी की बैठक हो चुकी है लेकिन, अब तक निष्कर्ष नहीं निकल सका है और न ही किसी विषय की अर्हता बदलने पर शासन ने मुहर लगाई है। इससे समस्या दो माह पहले जैसी बरकरार है।