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    Monday, January 21, 2019

    69000 : कटऑफ बदला तो बढ़ेगी अचयनितों की तादाद

    राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में कटऑफ अंक का पेच फंस गया है। शासन ने परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की तादाद को देखते हुए उत्तीर्ण प्रतिशत तय किया है, ताकि आसानी से भर्ती की सीटें भर जाएं। परीक्षार्थियों की मानें तो मौजूदा कटऑफ अंक के बाद भी तय सीटों से अधिक अभ्यर्थी उत्तीर्ण होंगे।
    अभ्यर्थी कहते हैं कि यदि उत्तीर्ण प्रतिशत बदला तो अचयनित होने वाले अभ्यर्थियों की तादाद काफी अधिक होगी और ठीक वैसे ही हालात बनेंगे जिस तरह 68500 भर्ती का पहला जिला आवंटन आने के बाद सात हजार अभ्यर्थियों ने हंगामा काटा था। योगी सरकार ने चयन सूची से बाहर हुए अभ्यर्थियों को रिक्त सीटों के सापेक्ष नियुक्ति दिलाई थी। यही नहीं पिछली भर्ती में यह भी स्पष्ट था कि कटऑफ अंक व सफल अभ्यर्थी सिर्फ 68500 की नियुक्ति में मान्य होंगे। अन्य भर्ती में वे दावेदारी नहीं कर सकेंगे। हालांकि पिछली भर्ती में तय सीटों से काफी कम अभ्यर्थी सफल हो पाए थे। ऐसे में पिछला कटऑफ अंक मौजूदा भर्ती में लागू करने को शासन बाध्य नहीं है, फिर भी अंतिम फैसला हाईकोर्ट करेगा। सभी की निगाहें 21 जनवरी पर टिकी हैं।

    नियमावली में कटऑफ अंक तय नहीं : बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में यह प्रावधान है कि अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी लेकिन, उनका कटऑफ अंक क्या होगा यह तय नहीं है। इसीलिए उत्तीर्ण प्रतिशत को घटाया या बढ़ाया जा सकता है। वहीं, शिक्षक पात्रता परीक्षा में एनसीटीई ने स्पष्ट किया है कि कटऑफ अंक सामान्य के लिए 60 व आरक्षित वर्ग का 55 प्रतिशत होगा।

    शिक्षामित्र व आरक्षित वर्ग का फायदा : भर्ती का कटऑफ अंक घटने का लाभ सिर्फ शिक्षामित्रों व आरक्षित वर्ग को ही मिलेगा, अन्य अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा व शैक्षिक मेरिट के अंकों के जरिए चयन सूची में जगह बनानी होगी।

    यदि कटऑफ अंक घटने से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा उत्तीर्ण होते हैं तो भी परीक्षा के अंकों की मेरिट बनेगी। यही नहीं उत्तीर्ण प्रतिशत कम होने से जितने शिक्षामित्र सफल होंगे, उतने मेधावी अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो जाएंगे। इसकी वजह शिक्षामित्रों को मिलने वाला भारांक है। ऐसे बनने पर बीएड व बीटीसी अभ्यर्थी भारांक को कोर्ट में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।

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