69000 SHIKSHAK BHARTI COURT UPDATE : आज की सुनवाई का सार : बीएड टीम द्वारा 18-02-2019

संघर्ष के साथियों शुभसंध्या------
साथियों आज सुबह 69000 मैटर पर 11 बजे से सुनवाई आरम्भ हुई और सरकार की तरफ से प्रशान्त चन्द्रा जी ने बोलना शुरू किया ।।सुप्रीम कोर्ट के शिवकुमार पाठक के केस को लेकर जिसमे की सुप्रीम कोर्ट ने खुद शिक्षा की गुणवत्ता की बनाये रखने के लिए 60%से बढ़ाकर 65-70%कर दिया गया था उसको कोर्ट को बताया और कहा कि 4.10लोग इस 69000 भर्ती में शामिल हुए हैं उनमें से 3.70को कोई दिक्कत नही है जबकि इनको कोई न तो भारांक दिया गया है और न कोई उम्र में छूट दी गयी है सारी दिक्कत इन 40000 sm को ही है।।और कहा कि एनसीटीई जो कि रूल मेकिंग बॉडी है और उसने ही शिक्षा की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए मिनिमम 60% लगाया है तो हम उसे फॉलो कर रहे हैं जिसमे सरकार का कोई भी दोष नहीं है।।जैसा कि वादी पक्ष के अधिवक्ता कह रहे हैं कि केवल sm को बाहर करने के लिए सरकार साजिश कर रही है ऐसा कुछ भी नही है हम केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एनसीटीई के नियम को फॉलो कर रहे हैं और जो कट ऑफ बाद में लगाया गया है यह बेसिक शिक्षा नियमावली के अनुसार सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और कुछ नहीं।।
उसके बाद सरकार से जो पिछली डेट में साक्ष्य मांगे गए थे उसपर बात हुई तो जज साहब तो सहमत थे लेकिन वादी पक्ष के उपेन्द्र मिश्रा जी ने ऑब्जेक्शन कर दिया कि यह जो फ़ाइल में पेज अलग से लगे हुए हैं और चिपके हुए हैं तो केवल फ्रॉड किया गया है इसकी जांच करवाएं।।उनका कहना था कि कोई आधिकारिक मीटिंग कट ऑफ को निर्धारित करने के लिए नही हुई है केवल माननीय मुख्यमंत्री जी के हस्ताक्षर पर ही कार्य हुआ है और इस चिपके हुए पेज की फोरेंसिक जाँच करवाई जाए और उपेन्द्र मिश्रा जी ने यह भी कहा कि मेरे पास जोभि बीच में चिपका हुए पेज है उसकी फोटो है जिसमे की योगी जी के सिग्नेचर हैं।।फिर चंद्रा साहब ने कहा कि अगर है तो फोटो दिखाई जाए इससे वादी पक्ष असहमत दिख।।वैसे सरकार आज अगर चाहती तो फोरेंसिक जांच करवाने के लिए पेज को लैब भेजकर भर्ती फंसा सकती थी लेकिन चंद्रा सर् की सूझबूझ से जज साहब ने परसों बुधवार की सुबह 10 बजे की डेट लगा दी है जिसमे कोर्ट को संतोषजनक उत्तर सरकार को देना है कि यह पेज क्यों चिपके हैं।। दोस्तों आज अगर मिश्रा जी ने केस न फसाया होता पेज को लेकर तो 100%आज ही ऑर्डर आ जाता।।
आज वादी पक्ष के अधिवक्ता उपेन्द्र मिश्र जी ने एक बात कह दिया कि बीएड वालों को कट ऑफ से कोई दिक्कत नही है यह तो ऐसे ही पास हो जाएंगे बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण नजरिया था इनका बीएड वालों के प्रति वैसे इनका कहना भी ठीक था क्योंकि असली मलाई तो शिक्षामित्र इनको दे रहे हैं तभी यह मामले को बीएड की तरफ खींचकर लेजा रहे हैं जबकि मामला केवल कट ऑफ का है।।
वैसे केस भी अब अंतिम चरण में है और अगर बुधवार को चंद्रा जी कोर्ट को सहमत कर ले गए तो ठीक है नही तो जज साहब ने कहा है कि पेज फॉरेंसिक लैब भेज जाएगा।।यकीन है कि चंद्रा जी कोर्ट को साक्ष्य देकर संतुष्ट भी कर देंगे।।आज एक बात अचार संहिता में भर्ती को लेकर भी हुई तो जज साहब ने कहा कि चुनाव आयोग से परमिशन लेकर भर्ती हो जायेगी।।
आज की सुनवाई से यकीन है कि भर्ती आज नही तो कल सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार ही होगी कोर्ट इसमें कोई हस्तक्षेप नही कर सकती है केवल न्याय में देरी जरूर हो रही है और यह ऑर्डर होने के बाद रिजल्ट आ जायेगा।।
दोस्तों आपलोग परेशान न हो आपलोगों को मैं कोर्ट की हर एक बात जिसमे 100%सच्चाई है बताता हूँ।न्याय एक न एक दिन हमलोगों को जरूर मिलेगा और भर्ती भी 60-65पर ही होगी अगर कम होगा तो इनका भारांक और कुछ भी नहीं।।
संघर्ष करना मेरी आदत है।
और जीतना मेरी जिद।।
AK SHUKLA
बीएड मोर्चा लखनऊ