UPTET 69000 : जजमेंट रिज़र्व रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2001 में अनिल रॉय के केस में दी गयी गाइडलाइन

1) जजमेंट रिज़र्व रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2001 में अनिल रॉय के केस में गाइडलाइन्स फ्रेम की थीं।
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2) यदि 90 दिनों तक भी जजमेंट सुनाया नहीं जाता है तो उसी बेंच में IA डालकर अनुरोध किया जा सकता है।
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3) यदि तब भी नहीं सुनाया जाता है तो 6 माह बाद चीफ जस्टिस कोर्ट में मूव किया जा सकता है और केस को फ्रेश आर्ग्यूमेंट्स के लिए किसी और बेंच भेजने को कहा जा सकता है।
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4) जजमेंट रिज़र्व करने के बाद जस्टिस को उसे 90 दिन में pronounce यानी सुनाना ही सुनाना है ऐसा कोई नियम नहीं है। बस 6 माह बाद आप सीजे से केस को किसी और कोर्ट भेजने का आग्रह कर सकते हैं उसके बाद सीजे क्या आदेश करते हैं ये उनके ऊपर है।
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5) हर जस्टिस का एक पर्सनल असिस्टेंट होता है जिसे जजमेंट क्लर्क भी बोलते हैं, out of the way रास्ता ये है कि उन जस्टिस के PA को ढूंढ कर उनसे कहा जाए कि जस्टिस को याद दिलादें की इस केस का ऑर्डर भी लिखाया जाना है। आगे समझ ही गए होंगे।