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    Saturday, February 23, 2019

    UPTET 69000 SHIKSHAK BHARTI : आर्थिक रूप से कमजोर बीएड टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी सुनवाई में किया बेहतर प्रदर्शन

    संघर्ष के साथियों सुप्रभात###
    साथियों कल हाइकोर्ट लखनऊ में अपने मामले पर डेढ़ महीने लगातार चली सुनवाई के फैसला रिज़र्व हो गया है और मंगलवार तक आ जाने की संभावना है।।दोस्तों टीम के लोगों की मेहनत के कारण ही हमलोग अपने पक्ष को रख पाए हैं।।दोस्तों बारादरी पार्क में जब हमलोगों की मीटिंग 20 जनवरी को हुई तब मीटिंग में 10 लोग भी नही थे और सहयोग के नाम पर भी 5000 रुपये भी नही थे और हमलोग हाइकोर्ट की लड़ाई लड़ने जा रहे थे।।तब टीम के Ashish Singh Ravi Saxena अरविन्द राजपूत Sarvesh Kumar Shukla Vivek Bahubali Shivam Gupta Vinay Pratap Singh साहिल गुप्ता और अन्य लोंगो की सहमति से वकील से मिलना तय हुआ।।आनंद मणि त्रिपाठी जी से मिलने जब हमलोग गए थे तो फीस के नाम पर जोभीकुछ था दे दिया गया और शेष बाद में दिया गया।।टीम शरू से ही आर्थिक संकट में थी और बीएड के लोग भी जागरूक नही थे।।अधिवक्ता की उसी दिन ब्रीफ़िंग की गई और दूसरे दिन हमलोगों ने IA के थ्रू अपना पक्ष रखा।।उसके बाद लगातार एक महीने चली मैराथन सुनवाई के कल अंतिम अध्याय भी पूरा हो गया और बीएड बीटीसी और शिक्षामित्र सबका भविष्य जज साहब के पास रिज़र्व हो गया।।वादी पक्ष के अधिवक्ताओं इलाहाबाद के एच एन सिंह, राधाकांत ओझा, उपेन्द्र मिश्रा, एल पी मिश्रा,परिहार साहब ने कट ऑफ को कम करने के अलावा बीएड को भी भर्ती से बाहर करवाने में कोई कमी नही रखी।।हमलोगों की तरफ से बीएड के अधिवक्ता आनन्द मणि त्रिपाठी, बीटीसी के अनिल तिवारी, अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चन्द्रा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देखते हुए कट ऑफ को 60-65 यथावत बनाए रखने के लिए तर्क दिए और बीटीसी टीम के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी ,अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी के अलावा बीएड टीम के आनंद मणि त्रिपाठी जी ने भी बीएड के पक्ष में एनसीटीई के गजट (जिसमे की बीएड को प्राइमरी भर्ती में शामिल किया गया है)सीटेट और के वी एस के नोटिफिकेशन के जरिये बीएड का अलग से पक्ष रखकर जज महोदय को संतुष्ट किया।।
    साथियों टीम आर्थिक रूप से शुरू से कमजोर रही है और इसी कारण टीम के लोग लखनऊ में रुक नही पाते थे औऱ अपने घरों से 150 km का सफर करके हाइकोर्ट तक आते जाते थे।। क्योंकि रुकने में आर्थिक संकट आड़े आ रहा था।। इतने कम खर्च में टीम ने अपने बेस्ट दिया है आगे भी करेगी लेकिन बीएड के लोगों को जागरूक होना पड़ेगा क्योंकि 60-65के क्राइटेरिया मे शिक्षामित्र 3000 बीटीसी 20000 और शेष 45000 बीएड के लोग हैं और यह 45000 कहाँ हैं पता भी नही है।।इतनी ज्यादा संख्या के बावजूद भी बीएड के लोग आगे नही आ रहे हैं।।जल्दी ही प्रदेश स्तरीय मीटिंग लखनऊ में बुलाई जाएगी जिसमें आगे की लड़ाई को किस तरह से लड़ना है चर्चा भी की जाएगी क्योंकि विपक्षी पार्टी डबल बेंच और सुप्रीम कोर्ट तक मामले को लेकर जाएंगे और हमको भी अपने हकक लिए लड़ना होगा।।
    शेष आपलोगों का दिन शुभ हो।।
    अखिलेश कुमार शुक्ला
    बीएड मोर्चा लखनऊ

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