• Primary ka master | uptet news

    Monday, March 18, 2019

    PRIMARY KA MASTER : विद्यालयों में मानक के मुताबिक शिक्षक नहीं, कैसे हो पढ़ाई?


    सरकार का पूरा जोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर है, लेकिन जिले में कई माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनमें पर्याप्त संख्या में शिक्षक ही नहीं हैं। इनमें संबंधित विषयों के शिक्षकों की भी कमी है, जिसकी वजह से एक ही शिक्षक कई विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं। ज्यादा समस्या ग्रामीण इलाकों के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में हैं, जहां दो-चार शिक्षकों के भरोसे पूरी पढ़ाई चल रही है। अब जबकि विद्यालयों में अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने वाला है, ऐसे में इस बार भी शिक्षकों की कमी बनी रहेगी।

    नियम के तहत माध्यमिक विद्यालयों में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिए, लेकिन जिले के विद्यालयों में इसका पालन नहीं हो रहा है। इसका असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल रही है। करछना के बेनीपुर स्थित परमेश्वरदीन मिश्र इंटर कॉलेज में करीब 1000 विद्यार्थियों पर मात्र चार शिक्षक हैं। यहीं के बेलसारा में गांधी इंटर कॉलेज में मात्र दो शिक्षक करीब 700 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। यही हाल हंडिया के आमीपुर धनुपुर स्थित सरयु प्रसाद इंटर कॉलेज का है, जहां करीब 900 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए चार शिक्षक हैं। यहीं धनुपुर के इमामगंज स्थित जनता इंटर कॉलेज में करीब 1200 विद्यार्थियों को मात्र आठ शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इन सभी विद्यालयों में विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी है। हंिदूी, सामाजिक विज्ञान, कला आदि विषयों के शिक्षक विद्यार्थियों को अन्य विषय पढ़ा रहे हैं।

    शीघ्र समाप्त होगी समस्या
    जांस, प्रयागराज : डीआइओएस आरएन विश्वकर्माने बताया कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 2016 शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा हाल में कराई है। इसका परिणाम नहीं आया है। इसके बाद साक्षात्कार भी होना है। इसमें एलटी के करीब 7500 एवं लेक्चरर के 3000 पद हैं। इसके अलावा लोकसेवा आयोग से करीब 11000 पदों का परिणाम घोषित होना है। यह काम जल्दी हो जाए तो विद्यालयों में शिक्षकों की समस्या समाप्त हो जाएगी। मानदेय पर 144 सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। इनके भुगतान में विलंब हुआ लेकिन अब मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।

    Primary Ka Master

    Basic Shiksha News

    UPTET