UPTET 68500 : शिक्षामित्रों को लाभ, बीएड बीटीसी की सीटें छिनेंगी

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69 हजार शिक्षक भर्ती में कटऑफ अंक कम कराने की जंग भले ही चंद अभ्यर्थी जीत गए हैं। लेकिन, परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले करीब दो तिहाई अभ्यर्थी शिक्षक बनने की जंग हार जाएंगे। वजह कटऑफ अंक घटने से सफल होने वालों की तादाद करीब दोगुना होने का अनुमान है, जबकि शिक्षक भर्ती के पद सिर्फ 69 हजार ही हैं। इस भर्ती में परीक्षा पास होने का प्रमाणपत्र भी अन्य शिक्षक भर्ती में काम नहीं आएगा।
क्या है मामला : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती का शासनादेश एक दिसंबर को जारी हुआ। चार लाख 31 हजार 466 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। लिखित परीक्षा छह जनवरी को कराई गई। इम्तिहान में चार लाख 10 हजार 440 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। शासन ने सात जनवरी को भर्ती के लिए कटऑफ अंक जारी किया। इसमें सामान्य वर्ग का 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी अंक तय हुआ। कटऑफ अंक को रिजवान अहमद आदि ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दिया। शीर्ष कोर्ट के आधार पर यह भर्ती शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने पदों पर हो रही है, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को दो अवसर देने के लिए कहा था, इसलिए उन पदों को दो भागों में बांटकर चयन किया जा रहा है लेकिन, सरकार ने एक ही भर्ती में दो तरह का कटऑफ अंक लागू किया है।
दावेदार अधिक, तब बढ़ा कटऑफ : शासन की ओर से कहा गया कि दोनों भर्तियों में पद लगभग समान हैं लेकिन, दावेदारों की संख्या अलग-अलग है। 69 हजार भर्ती में अधिक दावेदार होने से कटऑफ अंक बढ़ाना पड़ा है, ताकि स्कूलों को योग्य शिक्षक मिल सके। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने 68500 शिक्षक भर्ती का कटऑफ अंक 69 हजार भर्ती में लागू करने का आदेश दिया है।
अब सफल होने वाले बढ़ेंगे : कोर्ट के आदेश से भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की तादाद काफी अधिक होने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो शासन की ओर से सात जनवरी को तय कटऑफ अंक में भर्ती के पदों का दोगुना अभ्यर्थी सफल होने का अनुमान रहा है। अब 45 व 40 प्रतिशत कटऑफ होने से परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की तादाद करीब ढाई लाख से अधिक होने का अनुमान है। हर पद के लिए करीब चार दावेदार होंगे और उनमें से तीन को निराश होना पड़ेगा।
रिजल्ट के लिए करना होगा इंतजार : रिजल्ट की प्रक्रिया मई के अंत या जून में ही शुरू होने की उम्मीद है।
राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : शिक्षक भर्ती में कटऑफ अंक घटने का सीधा लाभ शिक्षामित्रों को होना तय है, क्योंकि जो शिक्षामित्र परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफल हो जाएंगे, वे वेटेज अंक पाकर आसानी से चयनित होंगे। वहीं, पहली बार प्राथमिक शिक्षक बनने का ख्वाब संजोए बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों को बाहर होना पड़ेगा, इन प्रशिक्षितों में से सिर्फ वे ही चयनित होंगे, जो अधिक अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे।
उल्लेखनीय है कि एनसीटीई ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के पहले बीएड प्रशिक्षण पाने वालों को भी प्राथमिक शिक्षक बनने का अवसर दिया है। इसके पहले बीएड अभ्यर्थियों को 72825 शिक्षक भर्ती में प्रतिभाग करने का मौका मिला था, उसी समय कहा गया था कि 72 हजार शिक्षक भर्ती बीएड वालों के लिए अंतिम मौका है। यही वजह है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आवेदकों की तादाद चार लाख से अधिक हो गई। शिक्षामित्र पहले लिखित परीक्षा और फिर बीएड को मौका देने का विरोध कर रहे थे। शासन ने नियमावली का हवाला देकर राहत देने से मना कर दिया। लिखित परीक्षा होने तक कटऑफ अंक घोषित न होने से शिक्षामित्र खुश थे, उन्हें लग रहा था कि कम अंक पाकर भी वे आसानी से खोया सहायक अध्यापक का पद फिर प्राप्त कर लेंगे। परीक्षा के दूसरे दिन ही कटऑफ अंक घोषित होते ही हंगामा मचा, क्योंकि तय अंक काफी अधिक थे। अब हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दे दी है। इससे जो शिक्षामित्र परीक्षा उत्तीर्ण हो जाएंगे, उन्हें अधिकतम 25 भारांक मिलना है। यह अंक जुड़ते ही शिक्षामित्र मेधावी अभ्यर्थियों के मुकाबले खड़े हो जाएंगे और चयन सूची में स्थान बना लेंगे। इसका असर बीएड व बीटीसी अभ्यर्थियों के चयन पर पड़ेगा। सामान्य अंक से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले चयनित नहीं हो सकेंगे, बल्कि शिक्षक बनने के लिए ऊंची मेरिट लानी होगी।